राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के लिए आईआईआरडी देगा सेवाएं

शिमला

जल जीवन मिशन के लिए आईआईआरडी सेवाएं प्रदान करेगा। लिए इसके हिमाचल में पंचायतीराज प्रतिनिधियों, युवा मंडल व महिलामंडल के सदस्यों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस जनवरी से मंडी और शिमला से प्रशिक्षण शुरू कर दिया जायगा।
राष्ट्रीय जन जीवन मिशन द्वारा हिमाचल प्रदेश में आईआईआरडी संस्था को ग्रामीण लाभान्वित लोगों को प्रशिक्षण एवं सहयोग करने के लिए चयन किया गया है।
राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में उन समस्त लोगों तक नल के माध्यम से जल पहुंचाने का उठाया है जिनके पास या तो नल से पानी नहीं आता या पेयजल से वंचित है । इसके लिए गांव-गांव में पाईप के माध्यम से जल को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा । इसके लिए मिशन तो एक बारगी यह काम समाप्त कर देगा लेकिन इसके दूरगामी प्रभाव एवं संरक्षण हेतु आम ग्रामीण लोगों का जागरुक एवं प्रशिक्षित होना आवश्यक है । यही कार्य आईआईआरडी को सौंपा गया है ।

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन एक क्रांति की तरह है, विशेषकर ग्रामीण भारत के लिए यह वरदान साबित होगा । जहां मीलों पैदल चल कर घर की महिलाओं एवं किशोरियों को पानी के लिए जाना पड़ता था । इससे यहां एक तो सुरक्षा का प्रशन था दूसरा जो तक़लीफ उठानी पड़ती थी, उसका ब्यां करना भी मुश्किल है । लेकिन मिशन इसे संभव बनाते हुए घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ जल लाने के प्रति संकल्पबद्ध है । इसे हिमाचल प्रदेश में भी ज़ोर शोर से चलाया जा रहा है और इस पर कार्य आरंभ हो चुका है । लेक़िन भविश्य के लिए इसके लाभ और टिकाउपन लाने के उद्देश्य से इस योजना के बारे में पूरी जानकारी, जागरुकता एवं प्रषिक्षण आम ग्रामीणों को होना आवश्यक है । यह ज़िम्मा हिमाचल प्रदेष में अभी सामाजिक सेवा एवं तकनीकि प्रशिक्षण में अव्वल में तत्पर संस्था आईआईआरडी को सौंपा गया है । आरंभिक स्तर पर यह कार्य ज़िलों की पंचायतों से होगा जिसमें प्रत्येक पंचायत से संबन्धित युवा, महिला मंडल, स्वयं सहायता समूह एवं पंचायत प्रतिनिधि की एक चयनित सीमित संख्या होगी । इसकी शुरुआत जनवरी 2022 से मंडी और शिमला ज़िले से की जा रही है । संस्था उन लोगों को प्रशिक्षित कर उन्हें इस मिशन के बारे में जागरुक करेगी साथ ही किस प्रकार इस योजना का दूरगामी लाभ प्राप्त किया जा सकता है, इस पर भी प्रशिक्षण दिया जाऐगा । किस प्रकार इस योजना के अंतर्गत पानी का संरक्षण हो, स्वच्छ जल की उपलब्धता एवं सुनिश्चित बनाई जा सकती है और इस पर भी जागरुक करेगी । इसके लिए संस्था इनडोर, आउटडोर प्रशिक्षण भी देगी । संस्था के अनुसंधान व्यक्तियों के अलावा जल मिशन एवं अन्य संबन्धित विभागों के अधिकारी भी इस प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे ताकि हर पहलु पर संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सके । शिमला में आईआईआरडी कांप्लैक्स, शनान में तथा मंडी में ढांगसी धार मंडी में प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षण दिया जाऐगा ।

राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के तहत केन्द्र सरकार, राज्य सरकार एवं विभाग इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सार्थक बनाने के लिए भरसक प्रयास कर रहा है जिसे संस्था द्वारा मुक्कमल किया जाऐगा।
संस्था के प्रबंध निदेशक डाॅ0 एल सी शर्मा ने बताया कि यह मिशन भारत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है । यदि इसकी सफलता सिरे चढ़ती है तो देश में यह एक क्रांति से कम नहीं होगा । लेकिन यहां आम नागरिकों की जिम्मेवारी अधिक हो जाती है । पानी तो नल के माध्यम से घर तक आ जाऐगा उसके बाद उसे किस प्रकार उपयोग में लाना है ताकि भविष्य में जल संकट न हो और आने वाली पीढ़ी को भी इसका लाभ मिले, यह चिंतन और समझ पैदा करना प्राथमिकता होगी ।

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